छूट गई हूं भीड़ मे कही पीछे,
या खुद को कहीं छोड़ आई हूं।
क्या याद है किसी को ये नाम,
या अब भी मैं बिसराई हूं।
इस नाम को सब जाने
ये चाह लिये चली थी भीड़ में,
अब सोचते हूं क्या यह नाम सच में मेरा है?
या अब भी मैं भरमाई हूं।
मैं खुद को कहीं छोड़ आई हूं।।
मैं खुद को कहीं छोड़ आई हूं।।
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